यह मंदिर प्रभु वेंकटेश्वर (बालाजी) को समर्पित है, जो कि भगवान विष्णु का अवतार माने जाते हैं. इस मंदिर की कलाकृति एवं नक्काशी दक्षिण भारत की मंदिरों की तरह है. यहां पर आकर आप खुद को दक्षिण भारत के किसी मंदिर में पहुंचा हुआ पाएंगे. मंदिर प्रांगण 27000 वर्ग फिट में फैला हुआ है. मंदिर में देवी पद्मावती और नवग्रह (नौ ग्रह) की मूर्तियां और भगवान हनुमान है. मंदिर खुलने का समय गर्मी में सुबह 6 से 11 और शाम 5 से 8 बजे तक है. जबकि सर्दी में सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक खुलता है. श्री वेंकटेश्वर मंदिर के लिए आपको बंथरा सिकंदरपुर, लखनऊ आना होगा. जबकि चारबाग रेलवे स्टेशन से ऑटो, कैब या फिर सिटी बस के जरिए पहुंच सकते हैं.

