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भूतेश्वर नाथ मंदिर सीतापुर / Bhuteshwar Nath Mandir Sitapur

भूतेश्वर नाथ मंदिर में स्थापित चमत्कारी शिवलिंग प्रत्येक दिन 3 बार अपना रूप बदलता है. प्रातः काल में शिवलिंग बाल काल्य रूप में दिखाई देता है. तो वहीं दोपहर को रौद्र रूप और शाम को शिवलिंग के दयालु रूप के दर्शन किए जा सकते हैं.

बाबा भूतेश्वर नाथ को नैमिषारण्य का कोतवाल भी कहा जाता है. वहीं यह मंद‍िर का इत‍िहास बेहद ही पौराण‍िक है. असल में सीतापुर के नैमिषारण्य को 88000 ऋषिओं  की तपोभूमि कहा जाता है. यहीं पर भूतेश्वर नाथ का मंदिर स्थित है. यह  मंदिर जितना प्राचीन है उतना ही रहस्यमयी भी है. अन्य श‍िव मंदिरों में भगवान श‍िव के निराकार स्वरूप का दर्शन होते हैं,  जबकि इस मंदिर में शिवजी के साकार विग्रह स्वरूप के दर्शन होते हैं. मान्‍यता है क‍ि मंद‍िर में जो श‍िवल‍िंग है, उसे स्‍वयं त्र‍िदेवों में से एक  ब्रह्मा जी ने स्‍थाप‍ित क‍िया था.

श‍िवल‍िंग प्रात: काल में बाल्‍य तो दोपहर को धारण करता है रौद्र रूप

नैमिषारण्य में स्थित भूतेश्वर नाथ मंदिर में स्‍थाप‍ित चमत्कारी शिवलिंग दिन में तीन बार रूप बदलता है. प्रातः काल में श‍िवल‍िंग में बाल्‍य काल का रूप देखा जा सकता है. तो वहीं दोपहर 12 बजे श‍िवल‍िंग को रौद्र रूप में देखा जा सकता है.  जबकि सायं काल 6:00 बजे श‍िवल‍िंग दयालु रूप में परिवर्तित हो जाते हैं. चक्र तीर्थ में स्नान करने वाले श्रद्धालु इस मंदिर में आकर दर्शन पूजन जरूर करते हैं.

मंद‍िर में पूरी होती है मनोकामना

मान्यता है कि यहां मांगी गई मनौती को भगवान भोलेनाथ जरूर पूरा करते हैं. मंदिर के पुजारी का कहना है कि जो भी व्यक्ति मंदिर के श्रृंगार में शामिल होता है वह अपने जीवन को धन्य कर लेता है. क्योंकि शिवलिंग के तीनों स्वरूपों का दर्शन यहां मिलता है. भगवान शिव का यह विशेष मंदिर है. इसी मान्यता के चलते यहां पर रोजाना भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए आती है. सावन में इस मंदिर में दर्शन के दूसरे प्रदेशों से भक्त आते हैं.

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